अगर आप पहली बार लोन लेने की योजना बना रहे हैं और सिबिल स्कोर न होने के कारण चिंतित हैं, तो अब राहत की बात है। सरकार और भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने ऐसे नियम लागू किए हैं जो नए लोन लेने वालों के लिए काफी मददगार साबित होंगे। अब सिर्फ इस वजह से कि आपके पास क्रेडिट स्कोर नहीं है, बैंक आपका लोन रिजेक्ट नहीं कर सकेंगे।
क्या होता है सिबिल स्कोर?
सिबिल स्कोर एक तरह का नंबर होता है जो यह बताता है कि आपने पहले कितने लोन लिए हैं, किस तरह से चुकाए हैं और आपकी भुगतान करने की आदत कैसी रही है। बैंक इस स्कोर को देखकर तय करते हैं कि आप लोन के लिए योग्य हैं या नहीं। लेकिन जो लोग पहली बार लोन लेने जा रहे हैं, उनका कोई स्कोर नहीं होता — और इसी वजह से उन्हें लोन मिलने में दिक्कत आती थी।
अब क्या बदला है?
सरकार और RBI ने यह फैसला लिया है कि जिन लोगों की क्रेडिट हिस्ट्री नहीं है, उनके साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा। यानी बैंक सिर्फ इस आधार पर किसी का लोन रिजेक्ट नहीं कर सकते कि उनके पास सिबिल स्कोर नहीं है। 6 जनवरी 2025 को RBI ने इस संबंध में एक “मास्टर डायरेक्शन” जारी किया, जिसमें बैंकों को साफ निर्देश दिए गए हैं।
किन लोगों को होगा सबसे ज्यादा फायदा?
- नए नौकरीपेशा युवा, जिनका अभी तक कोई लोन नहीं रहा है।
- स्टार्टअप शुरू करने वाले उद्यमी, जिन्हें बिजनेस के लिए शुरुआती पूंजी चाहिए।
- छोटे व्यापारी, जो अपने कारोबार को आगे बढ़ाना चाहते हैं।
- ग्रामीण और कस्बाई इलाकों के लोग, जिनकी बैंकिंग पहुँच अभी सीमित रही है।
लोन मिलेगा, लेकिन जांच के बाद
यह ध्यान रखना जरूरी है कि बिना स्कोर का मतलब यह नहीं है कि कोई भी लोन मिल जाएगा। बैंक आपकी आय, नौकरी या व्यापार की स्थिरता, और चुकाने की क्षमता को अच्छी तरह जांचेंगे। साथ ही आपकी आर्थिक स्थिति और दस्तावेज भी देखे जाएंगे।
क्रेडिट रिपोर्ट पर खर्च भी सीमित
सरकार ने यह भी तय किया है कि क्रेडिट रिपोर्ट की फीस ₹100 से ज्यादा नहीं होगी। इसके अलावा, हर व्यक्ति को साल में एक बार मुफ्त में क्रेडिट रिपोर्ट भी दी जाएगी — बशर्ते उसकी कोई क्रेडिट हिस्ट्री हो।
लोन लेने से पहले रखें ये बातें याद:
- जितनी जरूरत हो, उतना ही लोन लें।
- EMI चुकाने की आपकी क्षमता क्या है, इसका आकलन करें।
- बैंक की ब्याज दरें और शर्तें ध्यान से पढ़ें।
- बिना सोचे-समझे लोन न लें — क्योंकि नियम आसान हुए हैं, इसका मतलब ये नहीं कि लोन लेना भी जरूरी हो गया है।
- RBI और सरकार का यह कदम उन लाखों लोगों के लिए राहत लेकर आया है जो पहली बार लोन लेना चाहते हैं। अब सिबिल स्कोर न होना रुकावट नहीं बनेगा। यह बदलाव देश में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देगा और युवाओं को आत्मनिर्भर बनने में मदद करेगा।
